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अजय अमिताभ सुमन उर्फ़ बेनाम कोहड़ा बाजारी

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जलन-बेनाम कोहड़ा बाजारी

Posted On 4 Nov, 2016 Hindi Sahitya, Religious, कविता में

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प्रॉब्लम इस बात में नही है
कि वो बड़ा आदमी है ,
प्रॉब्लम इस बात में है
की वो अपने आप को बड़ा आदमी समझता है .

प्रॉब्लम इस बात में नही है
कि वो अपने आप को बड़ा आदमी समझता है ,
प्रॉब्लम इस बात में है
कि वो जितना बड़ा आदमी है ,
अपने आपको उससे बड़ा आदमी समझता है .

प्रॉब्लम इस बात में भी नही है
कि वो जितना बड़ा आदमी है ,
अपने आपको वो उससे बड़ा समझता है .
प्रॉब्लम इस बात में है
कि अपने आपको जितना बड़ा आदमी समझता है
उससे अपने आपको ज्यादा बड़ा आदमी दिखाता है .

प्रॉब्लम इस बात में भी नही है
कि वो अपने आपको ज्यादा बड़ा दिखाता है ,
प्रॉब्लम दरअसल इस बात में है
कि वो जो कुछ भी दिखाता है ,
मुझे सब कुछ दीखता है .

प्रॉब्लम इस बात में भी नही है
कि वो जो कुछ भी दिखाता है
मुझे सब कुछ दिखाता है ,
प्रॉब्लम दरअसल इस बात में है
कि मुझे जो भी दिखाता है
वो सब मुझे खलता है .

बेनाम कोहड़ा बाजारी

उर्फ़

अजय अमिताभ सुमन

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